Wednesday, 29 July 2026

भी तक भारत में SC/ST के लिए “क्रीमी लेयर” नीति राज्यवार स्पष्ट रूप से लागू नहीं हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने 2024 के Davinder Singh केस में कहा कि SC/ST में भी उपवर्गीकरण और क्रीमी लेयर लागू हो सकती है, लेकिन केंद्र और राज्यों को इसे लागू करने के लिए दिशा-निर्देश बनाने होंगे।

 अभी तक भारत में SC/ST के लिए “क्रीमी लेयर” नीति राज्यवार स्पष्ट रूप से लागू नहीं हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने 2024 के Davinder Singh केस में कहा कि SC/ST में भी उपवर्गीकरण और क्रीमी लेयर लागू हो सकती है, लेकिन केंद्र और राज्यों को इसे लागू करने के लिए दिशा-निर्देश बनाने होंगे।

🔹 सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

  • Davinder Singh केस (2024): 7-जज बेंच ने कहा कि SC/ST एक homogeneous class नहीं हैं, और उपवर्गीकरण व क्रीमी लेयर लागू करना संविधान के अनुरूप है।

  • Jarnail Singh केस: कोर्ट ने कहा कि आरक्षण का लाभ केवल “सबसे कमजोर वर्गों” तक पहुँचना चाहिए।

🔹 राज्यवार स्थिति

  • पंजाब: “Deprived SC” और “Other SC” में उपवर्गीकरण किया गया है। सबसे पिछड़े SC वर्गों को प्राथमिकता दी जाती है।

  • हरियाणा: SC उपवर्गीकरण लागू है, लेकिन आय सीमा तय नहीं हुई।

  • बिहार, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश: चर्चा जारी है, लेकिन अभी तक कोई स्पष्ट आय सीमा लागू नहीं।

  • उत्तर-पूर्वी राज्य: यहाँ SC/ST को आरक्षण मिलता है, लेकिन OBC की तरह क्रीमी लेयर का कोई नियम नहीं है।

🔹 केंद्र सरकार की स्थिति

  • Supreme Court PIL 2026: जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और सभी राज्यों से जवाब माँगा कि SC/ST में क्रीमी लेयर कैसे लागू की जाएगी।

  • अभी तक राष्ट्रीय स्तर पर आय सीमा तय नहीं हुई है।

📊 सारांश तालिका

राज्यनीतिआय सीमा
पंजाबDeprived SC को प्राथमिकतातय नहीं
हरियाणाSC उपवर्गीकरण लागूतय नहीं
बिहार/कर्नाटक/UPचर्चा जारीतय नहीं
उत्तर-पूर्वी राज्यकेवल SC/ST आरक्षणक्रीमी लेयर नहीं

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