भारत सरकार के अनुसार अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) की सूची राज्य/केंद्र शासित प्रदेशवार तय की गई है। हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की अपनी अलग SC और ST जातियों की केंद्रीय सूची है, जिसे सामाजिक न्याय मंत्रालय और जनजातीय कार्य मंत्रालय समय-समय पर अधिसूचित करते हैं।
📜 अनुसूचित जाति (SC) की केंद्रीय सूची
जारी करने वाला विभाग: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
सूची का आधार: संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 और उसके बाद के संशोधन।
राज्यवार सूची: हर राज्य/UT के लिए अलग-अलग जातियों को SC के रूप में अधिसूचित किया गया है।
उदाहरण:
उत्तर प्रदेश: चमार, जाटव, पासी, धोबी आदि
पंजाब: मजहबी सिख, रामदासी सिख, बाल्मीकि आदि
बिहार: पासवान, ढांगी, चमार आदि
🌿 अनुसूचित जनजाति (ST) की केंद्रीय सूची
जारी करने वाला विभाग: जनजातीय कार्य मंत्रालय
सूची का आधार: संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश, 1950 और उसके बाद के संशोधन।
राज्यवार सूची: हर राज्य/UT में अलग-अलग जनजातियों को ST के रूप में अधिसूचित किया गया है।
उदाहरण:
आंध्र प्रदेश: भील, गोंड, कोया, चेंचू आदि
अरुणाचल प्रदेश: अपातानी, न्यिशी, मोनपा, तांगसा आदि
छत्तीसगढ़: बैगा, हल्बा, उरांव, मुरिया आदि
📊 सारांश तालिका
| श्रेणी | केंद्रीय सूची का आधार | उदाहरण राज्य | प्रमुख जातियाँ/जनजातियाँ |
|---|---|---|---|
| SC | संविधान (SC आदेश, 1950) | उत्तर प्रदेश, पंजाब, बिहार | चमार, जाटव, मजहबी सिख, पासवान |
| ST | संविधान (ST आदेश, 1950) | आंध्र प्रदेश, अरुणाचल, छत्तीसगढ़ | भील, गोंड, अपातानी, बैगा |
⚠️ महत्वपूर्ण बिंदु
SC/ST की मान्यता राज्यवार होती है। किसी जाति/जनजाति को एक राज्य में SC/ST माना जा सकता है, लेकिन दूसरे राज्य में नहीं।
केंद्रीय सूची ही मान्य होती है जब केंद्र सरकार की नौकरियों, शिक्षा संस्थानों या योजनाओं में आरक्षण दिया जाता है।
जाति/जनजाति प्रमाणपत्र राज्य सरकार/UT प्रशासन द्वारा जारी किया जाता है, और उसे केंद्र द्वारा अधिसूचित सूची से मिलाना आवश्यक है।
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